
gmedianews24.com//रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनियों के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लागू कैशलेस स्वास्थ्य योजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। राजधानी रायपुर स्थित नेत्र चिकित्सालयों में मोतियाबिंद के इलाज के दौरान मरीजों से लेंस की क्वालिटी को लेकर अतिरिक्त रकम मांगी जा रही है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर मरीजों को घटिया क्वालिटी के लेंस लगाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले की शिकायत इंजीनियरिंग पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से की है। एसोसिएशन का कहना है कि यह कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ धोखाधड़ी है, क्योंकि योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण इलाज नि:शुल्क उपलब्ध कराना है।
कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन कैशलेस इलाज की आड़ में मरीजों से जबरन पैसे वसूल रहे हैं। वहीं एसोसिएशन ने सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित कराने की मांग की है।






