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पूजा घर की दिशा पर दें ध्यान, जानें वास्तु शास्त्र के नियम

gmedianews24.com/हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। घर में रोजाना सुबह-शाम की जाने वाली पूजा से न केवल सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा भी बनी रहती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि पूजा घर से जुड़े कुछ नियमों का पालन न किया जाए, तो इससे नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

मंदिर की सही दिशा
वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इन दिशाओं में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

मूर्ति की स्थापना
ध्यान रखें कि घर के मंदिर में रखी भगवान की मूर्तियों का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है।

सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह
सही दिशा में मंदिर होने से घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सामंजस्य मजबूत होता है।

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