
gmedianews24.com/गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित है, जो पूरे 10 दिनों तक हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में बप्पा भक्तों के घर पधारते हैं और उनके जीवन से दुख-दर्द दूर करते हैं। भक्त इस दौरान भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना कर उन्हें तरह-तरह के भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को उनके प्रिय भोग चढ़ाने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
गणेश जी के प्रिय भोग
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मोदक – गणेश जी का सबसे प्रिय भोग माना जाता है।
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लड्डू – खासकर बेसन और बूंदी के लड्डू चढ़ाने का महत्व है।
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गुड़ और दूर्वा – भगवान गणेश को गुड़ के साथ 21 दूर्वा चढ़ाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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नारियल और फल – शुद्ध नारियल और मौसमी फल अर्पित करना भी शुभ होता है।
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पान के पत्ते और सुपारी – धार्मिक अनुष्ठान में इनका विशेष महत्व है।
श्रद्धा से चढ़ाएं भोग
पंडितों का मानना है कि गणेश जी को उनका प्रिय भोग श्रद्धा और भक्ति भाव से अर्पित करने पर सभी बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
इस बार 10 दिन तक चलने वाले गणेशोत्सव में भक्त बप्पा को उनके प्रिय भोग अर्पित कर घर-परिवार में खुशहाली और समृद्धि की कामना करेंगे।




